Mahadev App Case :रवी उप्पल का दुबई से भारत होगा प्रत्यार्पण, महादेवॲप केस में ईडी को हुई बड़ी सफलता हासिल

Mahadev App Case : महादेव बेटिंग ॲप केस में  एक बड़ी खबर सामने आई है। इस बेटिंग ॲप केस में  प्रमोटर्स की समस्याए बढ़ सकती है, क्योंकि महादेव बेटिंग ॲप का मालिक रवी उप्पल को भारत में लाये जाने की खबर मिल रही है।

Mahadev App Case : महादेव बेटिंग एप्लिकेशन केस में महत्वपूर्ण घटना सामने आई है। इस केस में प्रमोटर्स की और भी कठिनाईयां बढ़ सकती हैं, क्योंकि महादेव बेटिंग एप्लिकेशन के मालिक रवी उप्पल को भारत में लाने की तैयारी है, यह जानकारी मिल रही है। गत महीने में रवी उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किया गया था। रवी उप्पल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटीस जारी किया गया था। उसके बाद इस गिरफ़्काताकरी की कार्यवाही की गई। उप्पल को प्रत्यार्पण के माध्यम से भारत में लाने की महत्वपूर्ण

कानूनी प्रक्रिया अब विशेष न्यायालय में पूरी हो गई है।

सौरभ चंद्राकर और रवी उप्पल, यह दोनों इस मामले के मुख्य आरोपी हैं। ईडी की तरफ से इन दोनों की खोज शुरू थी। इन दोनों के खिलाफ ईडी ने रेड कॉर्नर नोटीस जारी की थी। इस नोटिस के आधार पर दुबई की स्थानीय पुलिस ने रवी उप्पल को गिरफ्तार कर लिया।

इंटरपोल द्वारा जारी किए गए रेड कॉर्नर नोटिस के कारण, ईडी ने खोज के लिए रवी उप्पल को बड़े समय तक दुबईके जेल में रखा था। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के मामलो में गिरफ़्तारी के नियमों के अनुसार, भारतीय दूतावास ने दुबई की न्यायालय में प्रत्यार्पण प्रक्रिया को 60 दिनों के भीतर पूरा करने की आवश्यकता है। इसके बाद उन्हें भारत में लाया जाएगा।

रवी उप्पल पिछले 32 दिनों से दुबई की जेल में है। रायपुर के विशेष न्यायालय में महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए केंद्रीय एजेंसी बहुत काल से प्रयास कर रही है।

विदेश से आरोपी को लाने की प्रक्रिया

इस संबंध में ईडी के विशेष सरकारी वकीलों ने कहा है कि न्यायालय ने प्रत्यार्पण के लिए आवेदन स्वीकार किया है। पीएमएलए कलम 59 के अनुसार प्रत्यार्पण के लिए इस आदेश को मान्यता दी गई है, जिसके बाद अरबी लिपि में लिखी गई पत्रों की प्रति विशेष न्यायालय में प्रस्तुत की गई है। विशेष न्यायालय ने दुबई के न्यायालय से प्रत्यार्पण के लिए विनंती पत्र जारी किया है।

दुबई न्यायालय संमती देगा 

इसके बाद ईडी ने सम्पूर्ण कानूनी रिकॉर्ड्स को विदेश मंत्रालय को प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है, जिसके बाद यह रिकॉर्ड्स विदेश में भारतीय उच्चायुक्तियों के पास पहुँचाए जाएंगे। भारतीय उच्चायुक्तियों ने इसे दुबई की सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए मान्यता दी है, उसके बाद दुबई न्यायालय से प्रत्यार्पण की मंजूरी मिलेगी।

नेताओं की बढ़ रही चुनौतियाँ?

इसके बाद ED रवी उप्पल की कस्टडी लेकर भारत ला सकती है। छत्तीसगढ़ के अलावा देशभर में ऑनलाइन सट्टाबाजी के इस बड़े घड़ेरे में रवी उप्पल ने पैसे कैसे और कब हस्तांतरित किए गए, इसकी जानकारी प्राप्त होगी एसी चर्चा है। इस वजह से ही इस मामले से सम्बंधित बोहोत से नेताओ और अधिकारियोंकी समस्याए बढ़ सकती है।

 

 

Leave a Comment